मजेदार कहानी - पनौती और टेम्पो वाला
एक बार एक गांव में एक काका बहुत बीमार हो गए और उन्हें पास के ही एक शहर के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा । कुछ दिन बीत जाने के बाद गांव के लोगों ने आपस में ये तय किया कि सब मिलकर शहर चलते हैं औऱ काका का हाल चाल लेते हैं। फ़िर सबके सामने समस्या ये उठ खड़ी हुई कि आखिर शहर चला कैसे जाए ??? बाद में सामुहिक रूप से ये तय किया गया कि सब मिलकर एक बड़ा टेम्पू भाड़े पर लेते हैं और उसका किराया आपस में बांट लेंगें । भाड़े पर एक टेम्पू लिया गया जिसमें सिर्फ़ पंद्रह लोगों के बैठने भर की जगह थी । साथ ही उसका किराया एक सौ रुपए प्रति व्यक्ति तय हुआ लेकिन अंत में कुल मिलाकर चौदह लोग ही शहर जाने के लिए तैयार हुए। टेंपू चालक ने सब लोगों से बहुत ज़ोर से आग्रह किया औऱ कहा कि टेंपू में कुल पंद्रह सीट है , एक और व्यक्ति को जोड़ लो ताकि मेरी एक सीट खाली न हो , पर लाख प्रयास के बावजूद एक औऱ आदमी का इंतज़ाम न हो सका। अब चौदह लोगों के साथ गाड़ी चलने ही वाली थी कि गली के आखिरी कोने पर गुड्डू दौड़ता और आवाज़ देता देखा गया। गाड़ी के चौदह यात्री चीख़ पड़े....अबे गाड़ी जल्दी चलाओ , इसे हरगिज़ साथ मत ले जान...