ज्ञानवर्धक कहानी - राजा और उसकी मूर्ख प्रजा
एक बार किसी प्रदेश के एक न्यायप्रिय राजा को ये जानने की तीव्र इच्छा हुई कि उसकी प्रजा कितनी जागरूक औऱ संवेदनशील है...। राजा ने इसके लिए तुरंत अपनी मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई औऱ सभी वरिष्ठ मंत्रियों से उनके सुझाव मांगें । सभी ने अपने अपने तरह से सुझाव दिए , उनमें एक सुझाव राजा को ठीक लगा। सुझाव के मुताबिक राजा ने अपने प्रदेश में ऐसी जगह एक पुल का निर्माण करा डाला , जहाँ लोगों को उसकी कोई जरुरत ही नहीं थी। राजा ने ये सोचकर पुल के एक तरफ एक पेटी भी रखवा दी ताकि लोग अपने विचार या विरोध लिखकर इसमें डाल सकें...। उद्घाटन के बाद लोगों ने पुल के ऊपर से आना जाना शुरू कर दिया...। कुछ दिनों के बाद राजा ने कौतूहलवश लोगों के विचार जानने के लिए पेटी खोली लेकिन वो हैरान था , उसमें एक भी मत पर्ची नहीं थी....। उसके बाद राजा ने फ़िर कुछ सोचकर पुल पार करने वालों के ऊपर टैक्स लगा दिया । उसे उम्मीद थी कि आर्थिक बोझ के बाद अब जरूर उसकी प्रजा इसका विरोध करेगी । राजा एक बार फिर चकित रह गया , क्योंकि इस बार भी मत पेटी में किसी भी व्यक्ति का कोई मत नहीं था....। राजा अपनी प्रजा की इस उदासीनता औऱ संवेदनही...