मजेदार कहानी - चमचागिरी जिंदाबाद
अचानक एक दिन ऑफिस में बॉस ने सबको अपने चेम्बर में बुलाया औऱ अपनी जेब से एक छोटा सा पत्थर का टुकड़ा निकाल हवा में उछाल दिया।
पल भर में पत्थर का टुकड़ा ज़मीन पर गिर पड़ा तो बॉस ने सबसे पूछा, बताओ पत्थर का टुकड़ा क्यों गिरा??
प्रश्न का उत्तर देना सबके लिए बेहद जरूरी था ।
सब के सब अपनी बुद्धि के मुताबिक सोचने लगे औऱ अपने दिमाग के गूगल में सटीक प्रभावी उत्तर के लिए सर्च करने लगे।
जो भी शक़्स अब तक अपने जीवन में जितना पढ़ा था, इतिहास, भूगोल, रसायन, नागरिक शास्त्र, हिंदी, संस्कृत, विज्ञान, गणित, चित्रकला, खेलकूद, व्यायाम, पाकविज्ञान सब विषयों में अपने दिमाग़ का ऊँट ताबड़तोड़ दौड़ाने लगा।
जो चोरी करके परीक्षा में पास हुआ था, उसका भी मुंडी बिनबीना रहा था औऱ जो कृपांक देके पास हुआ था उसकी भी हालत पिलपिल हो रही थी।
उसके बाद एक ने तड़ से जबाब दिया कि बॉस, पत्थर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण शक्ति के कारण गिर गया, कमीने ने न्यूटन्स लॉ ऑफ़ मोशन चैप्टर आठवें क्लास में मुर्गा बन बन के याद किया था।
दूसरे का जबाब था कि पत्थर भारी था इसलिए गिर पड़ा, तीसरे का जबाब आया कि पत्थर बहुत गिरा हुआ व निकृष्ट चीज़ है, उसको तो एक न एक दिन गिरना ही था, चौथा बोला कि चूंकि पत्थर में उड़ने की शक्ति नही है क्योंकि वो पक्षियों के परिवार का सदस्य नही है, उसके पंख नहीं हैं, इसलिए उसका गिरना स्वाभाविक ही है, पांचवा फड़फड़ाया कि धरती पत्थर की माँ है इसलिए उसे एक बच्चे की तरह अपनी माँ की गोद मे लिपटना लाज़मी है, छठा बोल पड़ा कि जैसे कि एक गाने के मुताबिक रास्ते का पत्थर किस्मत ने मुझें बना दिया" गीतकार के द्वारा सिद्ध किया जा चुका है, फलतः पत्थर रास्ते में गिर पड़ा, सातवाँ भौंका कि पत्थर का ग्रहदशा खराब चल रहा है, उसपर राहू का भयानक कूदृष्टि है, परिणामस्वरूप ज्योतिष विज्ञान के नियम के मुताबिक वह नीचे चला गया, आठवें की बारी जब आई तो उसने एक वकील के ममेरा फूफा की तरह तर्क झोंका कि लगातार रुपए की कीमत, क़ानून व्यवस्था, गैस, पेट्रोल, डीजल, लोगों की नैतिकता, ईमानदारी, जिम्मेदारी, वफ़ादारी, प्रेम, सद्भाव, भाई-चारा सब के सब सदगुण दिनों दिन गिरते जा रहें हैं नतीजा पत्थर भी इन सबसे सबक ले कर गिर पड़ा क्योंकि उसने सोंचा कि अकेले उठने से क्या फायदा है?
सबने अपनी बुद्धि विवेक से अपना जवाब दे बॉस को खुश व प्रसन्न करना चाहा, लेकिन एक बंदा बिल्कुल साइलेंट मोड़ में था तो बॉस ने उससे भी जबाब देने को कहा।
वो बोल पड़ा, बॉस क्षमा करेंगे, पत्थर के गिरने का मेरी नज़र में सिर्फ़ एक ही कारण है।
बॉस ने उत्सुकतावश कहा, अबे जल्दी बक, एकता कपूर के सीरियल की तरह इतना लंबा क्यों खींच रहा है बे, गधा कहीं का??
बंदा कराह उठा औऱ ढेंचू ढेंचू करते हुए शुरू हो गया, बॉस!पत्थर इसलिए धड़ाम से गिर गया क्योंकि आपने उसे छोड़ दिया, आपने अब तक जिस जिस को भी अपने जीवन में छोड़ा है उसका तो दो सौ प्रतिशत गारेंटी के साथ गिरना तय है औऱ जिस जिस को भी पकड़े रखा है उसका उड़ना भगवान भी नहीं रोक पाए हैं।
उसके बाद जानते हैं क्या हुआ??
कमीना ऑफिस में दर्जनों लोगों से जूनियर होने के बाद भी आज सीनियर मैनेजर के पद पर है। उसके घर पर चमचमाती चार चक्का मारुति गाड़ी अंगड़ाई ले रही है। भविष्य में कंपनी का MD बन के ही मानेगा क्योंकि रोज़ सुबह शाम बहुत जिम्मेदारी औऱ समय से बॉस की कुतिया को घुमाने ले जाता है।
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