पिकनिक जाते समय मिला भूतो का समूह

 


आज भी हमें याद है कि. जब हम 10वीं कक्षा में पढ़ रहे थे। तब हमारे टीचरों ने हम लोगों को पिकनिक पर पावागढ़ ले जाने की बात की थी। हमारे साथ स्कूल की सारी लड़कियां और टीचर भी साथ में गई थी। करीब 30 बसें थी। जिसमें हम लोग सबसे पीछे वाली बस में बैठे थे।

उसमें हम लोग हंसते गाते मजे करते हुए पिकनिक पर जा रहे थे। तभी हमारी बस का टायर फट गया. और गाड़ी जंगल में खड़ी हो गई। रात में करीब 1:30 बज रहे थे। गाड़ी का ड्राइवर नीचे उतरा और टायर देखकर बोला मैम आप लोग गाड़ी के नीचे उतर आओ टायर फट गया है।

उस को बदलने में एक-दो घंटे लग जाऐंगे। हम सब लोग नीचे उतर गए. तभी उसने बोला पास में एक ढाबा है। वहां पर चाहो तो आप लोग जाकर बैठ कर आराम कर सकते हो। चाहो तो चाय पानी भी ले सकते हो। तब तक मैं गाड़ी का टायर बदल कर आ जाऊंगा। हम लोग पैदल चल कर ढाबे तक आए तो वहां एक बूढ़ा आदमी चाय बना रहा बना रहा था। हम लोग चाय पी रहे थे। कि मेरी नजर ढाबे के ऊपर गई.

तो मैंने देखा कि जैसे कोई सफेद साड़ी पहनकर,बाल खोलकर,लाल कलर की लाली लगाकर, जोर-जोर से हंस रही थी। मैने डर के मारे आंख नीचे कर लि.और नीचे देखने लगी। तभी कोई के चिल्लाने की आवाज आई. बूढ़ा आदमी हम लोगों को बोला आप लोग यहीं पर बैठो। मैं अभी देख कर आता हूं। आवाज कौन लगा रहा है। इतना कहकर वह जंगल की तरफ दौड़ता हुआ चला गया। हम तो पहले से ही डरे हुए थे।

अब तो मानो शरीर का खून भी सूख गया था। उसी समय हमारी एक सहेली को खून की उल्टियां होने लगी। उसको छोड़ कर हम लोग भाग भी नहीं सकते थे। इतने में एक टीचर ने बोला। सब लोग आग जलाकर उसके सामने बैठ जाओ. और सब लोग एक साथ ही बैठना, याद रहे की कोई अकेले कहीं उठकर नहीं जाएगा।

 हम लोगों के दिमाग को मानो किसी ने हथौड़े से पीटकर बंद कर दिया हो। हमारा दिमाग काम ही नहीं कर रहा था। कि मैं अब क्या करूं. ऐसे देखते-देखते करीब 3:00 बज गए। तभी वह बूढ़ा आदमी जंगल से आ गया.और बोला कि यहां पर जो आवाज आप लोगो ने सुनी थी। वह भूल जाना वरना आप लोग पूरी जिंदगी रोते रहोगे। इतने में ड्राइवर भी आ गया और हम लोग दौड़कर बस में बैठ गए ।

और अपने अपने मन में महामृत्युंजय का जाप करने लगे। टीचर ने बोला कि यहां पर कोई बातचीत नहीं करेगा। जब तक कि सुबह ना हो जाए । हम लोग एक हफ्ते के बाद पिकनिक से लौटकर । जब स्कूल में सबसे मिले । तो यह घटना सबको बता दी ।

आज भी जब हम सुनते हैं कि हमारे बच्चे पिकनिक जा रहे हैं । तब हमें हमारी पुरानी घटना याद आ जाती है। कि कैसे हम लोग बच बचाके निकल आए थे । पिकनिक के नाम से हमे आज भी बहुत डर लगता है। भगवान सबकी रक्षा करें।

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